साकार हो रहा विकसित छत्तीसगढ़ का संकल्प

विशेष लेख| जनघोषणा
लोकतंत्र की वास्तविक शक्ति जनता का विश्वास है और सुशासन उस विश्वास को मजबूत करने का सबसे प्रभावी माध्यम। जब शासन की योजनाएं अंतिम व्यक्ति तक पहुंचती हैं, समस्याओं का समयबद्ध समाधान होता है और आम नागरिक को अपने अधिकारों एवं सुविधाओं के लिए अनावश्यक भटकना नहीं पड़ता, तभी सुशासन की अवधारणा सार्थक होती है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इसी भावना के अनुरूप संवेदनशील और पारदर्शी प्रशासन को प्राथमिकता दी जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और सबका प्रयास’ के मूलमंत्र को आत्मसात करते हुए छत्तीसगढ़ सरकार जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। शासन की कार्यप्रणाली को अधिक सरल, सुलभ और जवाबदेह बनाने के प्रयासों से प्रशासन और आम नागरिकों के बीच संवाद तथा विश्वास का नया वातावरण विकसित हो रहा है। सुशासन की पहली शर्त है कि आम नागरिक की बात सुनी जाए और उसकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी पहल हो। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जनसमस्याओं के निराकरण को शासन की प्राथमिकताओं में स्थान दिया है। नागरिकों को अपनी समस्याएं, शिकायतें और सुझाव सीधे शासन-प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिल रहा है। जिला और विकासखंड स्तर पर आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर भी प्रशासन को नागरिकों के निकट लाने का महत्वपूर्ण माध्यम बन रहे हैं। इन शिविरों में विभिन्न विभागों की सेवाओं और योजनाओं की जानकारी देने के साथ पात्र हितग्राहियों को लाभान्वित करने तथा प्राप्त आवेदनों के निराकरण की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
डिजिटल सुशासन से आसान हो रही शासकीय सेवाएं
बदलते समय में तकनीक सुशासन का सशक्त आधार बनकर उभरी है। छत्तीसगढ़ में डिजिटल माध्यमों से शासकीय सेवाओं को अधिक सुलभ, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। सेवा सेतु पोर्टल और डिजिटल सेवा केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को विभिन्न विभागों की सेवाओं के लिए आवेदन करने और प्रक्रियाओं की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इससे विशेष रूप से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के नागरिकों के लिए शासकीय सेवाओं तक पहुंच आसान बनाने में सहायता मिल रही है। डिजिटल व्यवस्थाओं का महत्व केवल ऑनलाइन आवेदन तक सीमित नहीं है। इनका उद्देश्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ाना, अनावश्यक विलंब कम करना और नागरिकों को सेवाओं की स्थिति की जानकारी उपलब्ध कराना भी है। तकनीक आधारित प्रशासन से शासन और जनता के बीच विश्वास का संबंध और अधिक मजबूत करने की संभावनाएं बढ़ी हैं।
अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना सर्वाेच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और जनजातीय समुदायों के कल्याण को विशेष प्राथमिकता दे रही है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। यह सहायता घरेलू आवश्यकताओं, बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और छोटी बचत जैसे कार्यों में महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो रही है। प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों के पक्के घर का सपना साकार करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। किसानों के लिए संचालित योजनाएं,किसानों से समर्थन मूल्य से खरीदी, स्वास्थ्य सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी पहलें भी नागरिकों के जीवन में आर्थिक एवं सामाजिक सुरक्षा का आधार बन रही हैं।इन योजनाओं की वास्तविक सफलता उन परिवारों के जीवन में दिखाई देती है, जिन्हें शासन की सहायता से अपनी आवश्यकताओं को पूरा करने और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढऩे का अवसर मिलता है।
शिकायत निवारण व्यवस्था से जवाबदेह प्रशासन की ओर
सुशासन का अर्थ केवल योजनाओं का संचालन नहीं, बल्कि नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से सुनना और उनका समाधान सुनिश्चित करना भी है। इसी दिशा में सीएम हेल्पलाइन 1076 नागरिकों को शिकायत दर्ज कराने और उसके निराकरण की स्थिति जानने का माध्यम उपलब्ध कराती है। नगरीय क्षेत्रों में निदान-1100 के माध्यम से साफ-सफाई, पेयजल, प्रकाश व्यवस्था और अन्य नागरिक सुविधाओं से जुड़ी शिकायतों के समाधान की व्यवस्था विकसित की गई है। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य शिकायत निवारण में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना है। जब नागरिक अपनी समस्या दर्ज कराने के साथ उसकी प्रगति भी जान सकते हैं, तब प्रशासन के प्रति उनका भरोसा मजबूत होता है।
गांव से शहर तक विकास, हर वर्ग के कल्याण का प्रयास
छत्तीसगढ़ की बड़ी आबादी ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में निवास करती है। इसलिए सुशासन की सफलता का महत्वपूर्ण आधार दूरस्थ अंचलों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल, सड़क, बिजली और अन्य आवश्यक सुविधाओं की पहुंच है। राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण विकास, जनजातीय कल्याण, महिला सशक्तिकरण और आजीविका संवर्धन से जुड़ी योजनाओं के माध्यम से विकास को अधिक समावेशी बनाने का प्रयास किया जा रहा है। विशेष रूप से बस्तर और सरगुजा जैसे अंचलों में बुनियादी सुविधाओं के विस्तार तथा स्थानीय समुदायों के सशक्तिकरण का महत्व और भी बढ़ जाता है। सुशासन की पहचान तब बनती है, जब दूरस्थ गांव में रहने वाले नागरिक को भी वही सम्मान, सुविधा और अवसर प्राप्त हों, जो शहरों में उपलब्ध हैं।
पक्के आवास ने दिया सुरक्षा और सम्मान
अपना पक्का घर किसी परिवार के लिए केवल ईंट, सीमेंट और छत का निर्माण नहीं होता। यह सुरक्षा, सम्मान और भविष्य के प्रति स्थायित्व का भरोसा होता है। विशेष रूप से दूरस्थ और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए पक्का आवास जीवन की कई कठिनाइयों से एक साथ राहत लेकर आता है। छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत अब तक 17 लाख 75 हजार आवास पूर्ण किए जा चुके हैं। यह आंकड़ा यह दिखाता है कि प्रदेश सरकार जनताओं के प्रति कितने संवेदनशील है।
महतारी वंदन योजना से महिला के हाथ में आर्थिक संबल
महिला सशक्तिकरण परिवार और समाज के समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। महतारी वंदन योजना के माध्यम से पात्र महिलाओं को प्रतिमाह मिलने वाली आर्थिक सहायता उनकी व्यक्तिगत और पारिवारिक जरूरतों में सहयोग का माध्यम बन रही है। बच्चों की शैक्षणिक सामग्री हो, पोषण की जरूरत हो, घर की आवश्यक वस्तुएं हों अथवा छोटे स्वरोजगार के लिए जरूरी सामग्री- महिलाएं अपनी परिस्थितियों और प्राथमिकताओं के अनुसार इस राशि का उपयोग कर रही हैं। यहां आर्थिक सहायता का महत्व केवल उसकी राशि में नहीं, बल्कि उस भरोसे में भी है जो महिला को परिवार की जरूरतों के लिए स्वयं निर्णय लेने का अवसर देता है। आर्थिक निर्णय की यही छोटी-छोटी स्वतंत्रताएं महिला के आत्मविश्वास को मजबूत करती हैं।
महतारी सदन: गांवों में महिलाओं के लिए सशक्त मंच
प्रदेश में महिला सशक्तिकरण को गांव-गांव तक पहुंचाने की दिशा में महतारी सदन एक महत्वपूर्ण पहल है। इसका उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को एक ऐसा स्थान उपलब्ध कराना है, जहां वे एकजुट होकर अपने सामाजिक, आर्थिक और सामुदायिक विकास से जुड़े कार्यों को आगे बढ़ा सकें। महतारी सदन महिलाओं के लिए केवल एक भवन नहीं, बल्कि संगठन, संवाद, प्रशिक्षण और आत्मनिर्भरता का केंद्र बनने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। यहां महिलाएं स्व-सहायता समूहों की गतिविधियों, प्रशिक्षण, आजीविका और विभिन्न योजनाओं से जुड़ी गतिविधियों को बेहतर तरीके से संचालित कर सकती हैं। इससे गांव की महिलाओं को अपने मुद्दों पर चर्चा करने, सामूहिक निर्णय लेने और आर्थिक गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए एक मजबूत मंच मिलता है।
बिहान से आत्मनिर्भरता, मेहनत से लखपति दीदी की पहचान
आर्थिक सहायता से आगे बढ़कर महिलाओं को स्थायी आजीविका से जोडऩे में स्व-सहायता समूह महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन बिहान के माध्यम से महिलाएं बचत, ऋण, प्रशिक्षण और विभिन्न आयमूलक गतिविधियों से जुड़कर आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रही हैं।
कुपोषण से सुपोषण तक-बच्चों को लौट रहा स्वस्थ बचपन
जनकल्याण का सबसे संवेदनशील चेहरा बच्चों के स्वास्थ्य में दिखाई देता है। शासकीय रघुनाथ जिला चिकित्सालय, अम्बिकापुर में संचालित पोषण पुनर्वास केंद्र गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों के उपचार और पोषण पुनर्वास के माध्यम से उन्हें स्वस्थ वृद्धि की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास कर रहा है। कुपोषण से लड़ाई अस्पताल के बिस्तर तक सीमित नहीं है। बच्चे के उपचार के साथ माता-पिता को उचित पोषण, स्वच्छता, स्तनपान, पूरक आहार और नियमित वृद्धि निगरानी की जानकारी देना भी आवश्यक है। स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और परिवार का समन्वय इस व्यवस्था को मजबूत बनाता है। स्वस्थ बच्चा खेल सकता है, सीख सकता है, विद्यालय जा सकता है और अपने सपनों को आकार दे सकता है।
जनभागीदारी से मजबूत होता सुशासन का संकल्प
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सार्वजनिक जीवन में 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर छत्तीसगढ़ में 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक आयोजित सेवा संकल्प अभियान ने जनसेवा और जनभागीदारी की भावना को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान किया। अभियान के अंतर्गत सेवा सेतु, सेवा की कहानी, सेवा मेरा योगदान और सुशासन सेवा संवाद जैसी पहलों ने नागरिकों को शासन की सेवाओं, जनकल्याणकारी योजनाओं और सामाजिक जिम्मेदारियों से जोडऩे का संदेश दिया। सुशासन केवल सरकार और प्रशासन के प्रयासों से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से भी मजबूत होता है। नागरिकों के सुझाव, सामाजिक सहयोग और जनहित के कार्यों में भागीदारी विकास की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ में सुशासन को जनसेवा, संवेदनशीलता और जवाबदेही से जोडऩे के प्रयास किए जा रहे हैं। योजनाओं की प्रभावशीलता, शिकायतों का समयबद्ध समाधान और नागरिकों की संतुष्टि ही इन प्रयासों की वास्तविक कसौटी होगी। सुशासन का उद्देश्य ऐसी व्यवस्था विकसित करना है, जिसमें गरीब को सम्मान, किसान को संबल, महिलाओं को सुरक्षा, युवाओं को अवसर और प्रत्येक नागरिक को न्यायपूर्ण एवं सरल शासकीय सेवाएं उपलब्ध हों।

